यामी गौतम: टीवी से बॉलीवुड तक का सफर और वो धांसू कोट्स जो आपको इंस्पायर करेंगे!

यामी गौतम ने महज 19 साल की उम्र में टीवी शोज से अपने करियर की शुरुआत की थी. शुरुआती दिनों में वह टीवी शोज तक ही सीमित थीं और फिर उन्होंने साउथ इंडियन फिल्मों में भी काम किया. साल 2012 में उन्हें पहली बॉलीवुड फिल्म ‘विक्की डोनर’ मिली. यह फिल्म उनके साथ-साथ आयुष्मान खुराना की भी डेब्यू फिल्म थी, जो बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही.
‘विक्की डोनर’ के बाद यामी को बॉलीवुड में काम मिलना शुरू हो गया, हालांकि उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए. साल 2015 में आई ‘बदलापुर’ और 2017 में आई ‘काबिल’ उनके करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुईं. लेकिन अच्छे मौके लगातार न मिलने पर उन्होंने बॉलीवुड छोड़ने का भी मन बना लिया था. पर फिर, 2019 में ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ और ‘बाला’ ने एक बार फिर उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. यामी कंटेंट-ड्रिवेन ड्रामा को काफी पसंद करती हैं और उनकी ऑडियंस उन्हें इसी वजह से बहुत प्यार करती है.
यामी गौतम के कमाल के लाइफ लेसन्स
यामी सिर्फ अच्छी एक्ट्रेस ही नहीं, बल्कि अपनी लाइफ फिलॉसफी को लेकर भी काफी प्रैक्टिकल हैं. उनके कुछ मोटिवेशनल कोट्स, जो सीधे दिल पर लगते हैं:
- आप अच्छे हैं, तो अच्छा होगा: यामी अपने लाइफ एक्सपीरिएंसेस से बताती हैं कि जीवन में उतार-चढ़ाव, अच्छा-बुरा सब है, पर आखिर में यही समझ आता है कि अगर आप अच्छे हैं तो आपके साथ भी अच्छा ही होगा. वह कहती हैं कि समय लग सकता है, लेकिन अगर आप ईमानदार हैं तो एक दिन आपका काम ज़रूर बोलेगा. भई, ये तो सीधी बात है, पर कौन आजकल सुनता है?
- हमने कुछ तो अच्छा किया है! यामी गौतम का मानना है कि जैसे-जैसे हम जीवन में आगे बढ़ते हैं, हमारी चिंताएं, चुनौतियां और स्ट्रेस बढ़ता जाता है. हम हमेशा और आगे जाने की सोचते हैं, पर कभी रुककर यह नहीं सोचते कि हमने कुछ तो किया है जिसकी वजह से हम यहां तक पहुंचे हैं. वाह! ये तो सेल्फ-लव वाला ज्ञान है.
- अपनी फैमिली की इज्जत कीजिए: यामी कहती हैं कि दुनिया में हर तरह के लोग और कहानियां हैं, लेकिन अगर आपके पास ऐसी फैमिली और पैरेंट्स, दादा-दादी हैं जो हमेशा सपोर्ट करते रहे हैं, तो उन्हें संभालकर रखिए. उनकी इज्जत कीजिए, उनसे बड़ा कोई नहीं है. सच्ची बात है, फैमिली से बड़ा कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं होता.
- अच्छा करने वालों का अंत बुरा नहीं होता: अपनी एक फिल्म की लाइन से यामी पूरी तरह सहमत हैं कि ‘अच्छा करने वालों का अंत, कभी बुरा नहीं होता.’
- सब कुछ एक रात में नहीं बदलता: यामी का कहना है कि बदलाव एक रात में नहीं होता, यह एक प्रक्रिया है जिसमें समय लगता है. इसमें छोटी-छोटी चीजें होती हैं जो आपको खुशी देती हैं, तो आपको वो करनी चाहिए. पेशेंस, मेरे दोस्त, पेशेंस!
- हताश मत होइए: यामी का कहना है कि हमें किसी भी चीज को पाने के लिए हताश नहीं होना चाहिए. अगर आप टैलेंटेड और मेहनती हैं, तो आपको वह ज़रूर मिलेगी जिसके आप काबिल हैं. सुना आपने, हताशा नहीं, मेहनत!
- आपकी पहचान, काम से होनी चाहिए: यामी का मानना है कि इंसान की पहचान उसके काम से होनी चाहिए, न कि इस बात से कि वह किसके साथ काम कर रहा है. भई, ये तो आज के जमाने में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सुननी चाहिए!
- चैलेंज कभी खत्म नहीं होते: यामी कहती हैं कि जीवन में चुनौतियां कभी खत्म नहीं होतीं. समय के साथ उनका लेवल बढ़ जाता है, बस आपको हार नहीं माननी है. चुनौतियां तो आनी-जानी हैं, पर डटे रहना ही असली बात है.
- सपने छोटे-बड़े नहीं होते: यामी का कहना है कि सपना कोई भी छोटा या बड़ा नहीं होता. आप उतने ही अच्छे हैं, जितना आप अपने काम और खुद पर विश्वास करते हैं. कैमरे पर अक्सर प्रैक्टिकल बातें करती नज़र आती हैं यामी.
पढ़ाई में भी थीं अव्वल!
अक्सर एक्टर्स को इस पैमाने पर तौल लिया जाता है कि वे पढ़ने में अच्छे नहीं होंगे. मगर यामी गौतम और कृति सेनन जैसे उदाहरण हैं जिन्होंने इस मिथक को तोड़ा है. ये दोनों पढ़ाई में भी अच्छे थे और आगे चलकर एक्टर भी बने. यामी कहती हैं कि ‘मैं पढ़ाई में भी अच्छी थी और एक्टर भी बनना चाहिए था.’ मतलब, पढ़ाई और एक्टिंग, दोनों में फुल मार्क्स!
बताते चलें कि यामी गौतम धार को ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस इन लीडिंग रोल का अवॉर्ड भी मिला है. उन्होंने 4 जून 2021 को फिल्म डायरेक्टर आदित्य धार से शादी रचाई थी, और अब उनकी शादी को पांच साल पूरे हो चुके हैं. तो कैसी लगी यामी की ये ‘ज्ञान की बातें’? क्या आप भी उनकी इन बातों से इत्तेफाक रखते हैं?
